रविवार, 25 अक्टूबर 2015
मंगलवार, 13 अक्टूबर 2015
लाल कला मंच का 12 वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया
बिहारी लाल
का 42
वां
जन्मोत्सव भी मनाया गया
सोनू गुप्ता।
नई दिल्ली। समाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में सक्रिय संस्था लाल कला मंच का 12वाँ स्थापना दिवस मीठापुर चौक पर धूमधाम से डा.के.के तिवारी
की अध्यक्षता एवं हमरा पूर्वाच्ल सा.पत्रिका के संपादक रमाधार पांडे के आतिथ्य में
संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में संस्था के सचिव पर्यावरण प्रेमी एवं दिल्ली रत्न लाल
बिहारी लाल का 42 वाँ जन्म दिवस मनाया गया। इस अवसर पर दिल्ली के
कई कवियों सहित, कई पत्रकार एवं नेता इन्हें जन्म दिन की बधाई
देने पहूँचे उनमें फरीदाबाद से शिव प्रभाकर ओझा,दिवाकर मिश्रा,गिरीश मिश्रा नोयडा से वरिष्ठ पत्रकार राज कुमार अग्रवाल ,संतोष तिवारी,लक्ष्मी नगर से नीरज पांडे,दिल्ली से मा. गिरीराज शर्मा ने लाल बिहारी लाल के लगन के
देख कर कहा-कुछ किया कर कुछ किया फार
पजामा सिया कर ,उमर हनीफ, राकेश कन्नौजी, के.,पी.,सिंह, नेताओं में का.जगदीश चंद्र शर्मा,मलखान सैफी,विजय प्रकाश, प्रेम कुमार गौतम, नान्हें प्रसाद,लोकनाथ शुक्ला, भगत सिंह आदी क्षेत्र के कई
गन्यमान्य उपस्थित थे। इस अवसर पर कवियों ने अपनी-अपनी कविता लाल बिहारी लाल के
उपर सुनाया।सबसे ज्यादा बाहाबही सुरेश मिश्र अपराधी की कविता पर रही-
करे समाज सेवा नित्य पर्यावरण का
रखे ख्याल।
क्षेत्र में अजब मिशाल,युग-युग
जीयो बिहारी लाल।।
का. जगदीश चंद्र शर्मा ने कहा- कि लाल बिहारी लाल लाल कला मंच के तहत क्षेत्र के नवोदित बच्चों को रंग अबीर उत्सव के माध्यम से मंच प्रदान करते है। रामाधार पांडे ने कहा कि लाल कला मंच एवं लाल बिहारी लाल दोनों के कार्य़ सराहनीय है। अध्यक्षीय वक्तब्य में डा. तिवारी ने कहा कि लाल कला मंच पिढले 12 सालों से साहित्य ,पर्यावरण एवं संस्कृति के क्षेत्र में बदरपुर ही नही बल्कि दिल्ली में काफी जानी-मानी संस्था है औऱ अपने क्षेत्र में काफी काम कर रही है। लाल बिहारी लाल भी सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों में अपना नाम दिल्ली ही नही बल्कि ए.सी.आर में भी काफी जना पहचाना नाम है। लाल बिहारी लाल ने कहा कि आप लोगो का स्नेह एंव प्यार मिलता रहा तो यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा। अन्त में संस्था के अध्यक्ष सोनू गुप्ता ने आये हुए सभी अतिथियों,कवियो एं अय सभी को हार्दिक धन्यवाद दिया।
बुधवार, 30 सितंबर 2015
लाल कला मंच नें शहीदे-आजम भगत सिंह की 109वीं जयंती काब्यगोष्ठी के रुप में मनाई
लाल कला मंच नें शहीदे-आजम भगत सिंह की 109वीं जयंती काब्यगोष्ठी के रुप में मनाई
लाल बिहारी लाल
नई दिल्ली। लाल कला मंच,नई दिल्ली की ओर से शहीदे-आजम भगत सिंह की 109वीं जयंती काब्यगोष्ठी के रुप में मीठापुर चौक पर मनाई गई। कार्यक्रम का आगाज समाजसेवी संस्था के सचिव लाल बिहारी लाल के सरस्वती वंदना-ऐसा माँ वर दे, विद्या के संग-संग, सुख समृद्धि से, सबको भर दे से हुई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी एवं बल्लवगढ़ काँलेज के पूर्व प्राचार्य डा. हवलदार शास्त्री ने किया तथा का. जगदीशचंद्र शर्मा के अतिथ्य में समपन्न हुआ । इसमें वंदना के बाद सुरेश मिश्र अपराधी ने भगत सिंह के ब्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनमें देशभक्ति के साथ-साथ समाजिकता का फूट था वही वे आजादी के बाद देश की स्थिति पर भी खाका खींचकर काम किया इसलिए अल्पआयु में ही भारत सहित नेपाल,वर्मा, बंगलादेश,श्रीलेका आदी में भी लोकप्रिय हो गये।इस कड़ी को आगे बढाया,भवानी शेकर शुक्ला तथा के.पी. सिंह कूँवर ने औऱ कहा-
मैं कहूंगी नहीं मुझको जागीर दो,फिर भी तोहफा नया कुछ वीर दो।
मैंने बांधी है राखी कलाई पर जो मेने उस राखी के बदले काश्मीर दो।।
मा. गिरीराज किशोर,मा. रविशंकर,मा. कृपा शंकर नें भी इसे आजे बढ़ाया जबकि सुरेश मिश्र अपराधी ने कहा- माँ आजादी मेरी जिन्दगी है...वही चाह वही राह वही मन वसी है..संस्था के सचिव एवं कवि लाल बिहारी लाल ने कहा- आजादी के बाद नेता आजकल भटक गये है इस पर झाड़ू कविता सुनाया- कभी नोट कभी दारू में जनता अब उलझी झाड़ू मे..... ,आकाश पागल, मलखान सैफी सहित कई कवियों ने हिस्सा लिया। का. जगदीशचंद्र शर्मा ने कहा कि भगत सिंह की सोंच दूरदर्शी थी वही अध्यक्षता कर रहे शास्त्री जी ने कहा कि आज आजादी के बाद लोग देश और समाज के लिए कम सोंच रहे है अतः जरुरी है कि समाजिक जागरुकता विभिन्न माध्यमों से लाया जाये ताकि देश की दशा एवं दिशा को सुधारा जा सके।
इस अवसर पर क्षेत्र के कई गन्यमान्य भी मौयूद थे उनमें-, लोकनाथ शुक्ला, महेश बछराज, भगत सिंह ,राम सागर गुप्ता,जे.पी. शर्मा, राज नंन्द प्रसाद मलखान सैफी, पत्रकार सुमन ओझा आदी सहित दर्जनों लोगं ने कवियों के कविताओं का आनंद उठाया।, अंत में संस्था के अध्यक्ष सोनू गुप्ता ने सभी कवियों एवं आगन्तुकों को धन्यवाद दिया।
सोमवार, 21 सितंबर 2015
मंगल नसीम जी का 60 वां जन्मदिन उनके शिष्यों ने मनाया
मेंहदी रची हथेलियाँ लहरों ने चूम लीं,
छोड़े जब उसने ताल में जलते हुए दिए,
छोड़े जब उसने ताल में जलते हुए दिए,
इस तरह तमाम दुनिया की मीठी कड़वी सच्चाई को अपने एक एक शेर से बयाँ करने वाले मोहतम शायर उस्ताद मंगल नसीम जी का 60 वां जन्मदिन उनके शिष्यों द्वारा "अखिल भारतीय उर्दू- हिंदी एकता अंजुमन" द्वारा तनेजा टायर वर्ल्ड ,नागलोई ,नई दिल्ली में शानदार तरीके से मनाया गया जो मोहतरम शायर उस्ताद मंगल नसीम पर केन्द्रित रहा ! उनके शिष्यो में रामश्याम हसीन,असलम बेताब,राजेश तंवर,संजय कुमार गिरि ने मिलकर यह सुन्दर आयोजन किया ! मुख्य अतिथि श्री मति रेखा रोहतगी ,विशिष्ट अतिथि श्री अवधेश तिवारी रहे !कार्यक्रम में अध्यक्षता -सपन भट्टाचार्य ने की ! इस सुन्दर आयोजन का मंच सञ्चालन कवि दुर्गेश अवस्थी ने अपने लाजबाब अंदाज में किया ! सरस्वती वंन्दना संजय कुमार गिरि ने अपनी मधुर आवाज में की ! इस सुन्दर आयोजन में उस्ताद शायर श्री मंगल नसीम के कुछ पुराने शिष्य भी थे जिन्होंने अपने कुछ अनुभव वहां सुनाये जो उन्होंने मंगल नसीम जी के सानिध्य में बिताये ! जिनमे डॉ .प्रवीन शुक्ल ,,पदम् प्रतीक ,चन्द्र मणि चन्दन रामश्याम हसीन थे ! इस सुअवसर पर कवि सम्मेलन एवं मुशायरा भी किया गया जिनमे दिल्ली ,उत्तर प्रदेश
हरियाणा से आये कवि कवित्रियों ने शिरकत की और अपनी शानदार रचनाएं सुनाई -
कवि रामश्याम हसीन की सुन्दर पंक्तियाँ जो श्रोताओं को बहुत पसंद आई ---
आज भी उस पर भरोसा है मुझे
जिसने दुःख ही दुःख परोसा है मुझे
जिसकी लम्बी उम्र की मैंने दुआ की
उसने तो हर वक्त कोसा है मुझे
-कृष्णा नन्द तिवारी के लाजबाब दोहें ----
दुआ यही भगवान से , बस इतनी सी चाह
जिये हजारो साल तक , रहे दिखाते राह --
जिये हजारो साल तक , रहे दिखाते राह --
हरियाणा से आये -हरियाणवी कवि राजेश तंवर --का भी जबाब नहीं ---
तुम्हारे साथ रहकर रौशनी में मैं नहाता हूँ
कभी तुम रात पूनम की कभी दिन का उजाला हो
गाज़ियाबाद से आये कवि मनोज कामदेव जी की लाजबाब रचना ---
दीवार पे लटकी कोई शमशीर नहीं हूँ,
जो आके कैद करले वो जंजीर नहीं हूँ,मुझको भी अपना हुनर दिखाना आता है,
तभी तो मैं बिकने वाली जाग़ीर नहीं हूँ।।
इंद्रप्रस्त दिल्ली --से कीर्ति';रतन';';निशि';----
';';न छलके आँख से होते तो पैमाने कहाँ जाते
ग़ज़ल गर ज़िन्दगी होती तो अफसाने कहाँ जाते ';';
ग़ज़ल गर ज़िन्दगी होती तो अफसाने कहाँ जाते ';';
संजय कुमार गिरि ------
करें सदा हम गुरु की ,महिमा का गुणगान !
गुरु ज्ञान की खान है ,होते गुरु महान !!
! शायर अफजाल देहलवी --शायरा शबनम सिद्दकी,पूनम माटिया (साहित्यिक संपादिका ट्रू -मीडिया ), आरिफ देहलवी (गीतकार )राजेंदर सलिल (संगीतकार ) राजीव तनेजा ,कवियत्री कीर्ति सिंह,नरेश मालिक ,मनोज कमदेव शर्मा ,विक्रम भारतीय ,निर्देशशर्मा ,डॉ.प्रशांत देव (आगरा ) विकास शर्मा राठी (जींद )सेंतीस्वा कवि ,कृष्णानंद तिवारी ,जगदीश भारद्वाज ,राजबीर खत्री ,शैल भदावरी ,बलजीत , बी के बोस,संजू तनेजा, आदि थे !
प्रस्तुति-लाल बिहारी लाल
9868163073या7042663073
गुरुवार, 17 सितंबर 2015
भोजपुरी जागृति मंच ने बिश्वकर्मा पूजा पर रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया
सैयां मिलल लड़कैंया हम का
करी –मालिनी अवस्थी
लाल बिहारी लाल
बदरपुर। भोजपुरी जागृति
मंच,बदरपुर,नई दिल्ली द्वारा विश्वकर्मा पूजा पर बिशाल रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन
किया गया। जिसमें भोजपुरी की विख्यात गायिका-मालिनी अवस्थी, भोजपुरी के मशहूर गोपालगंज
से लोक गायक विजेन्द्र गिरी ,छपरा से दशरथ तिवारी तथा वनारस ने नंदन –चंदन ने अपनी
अपनी आवाजों से दर्शकों का मन मोह लिया। मालनी अवस्थी द्वारा गाये गये गीत- सैंया
मिलल लड़कैंया हम का करी पर दर्शकों ने जमकर ठूमका लगाया।
इस अवसर पर भाई नरसिंह शाह, शीखा शाह, श्यामल
किशोर सिंह, लाल बिहारी लाल एकनाश सिंह ,मुकेश भारद्वाज, शशि भूषण, मों. हारुन,मो.
सलाउद्दीन, मा.अशोक, ,रमायण महतो सहित हजारों हजार की संख्या में दर्शक भी मौयूद
थे। श्री शाह ने बताया कि पिछले पन्द्रह सालों से यह कार्यक्रम पर साल आयोजित की
जा रही है और भविष्य में भी अवरत जारी रहेगा।
इस अवसर पर भोजपुरी भोजपुरी जागृति मंच की ओर से
भाई नरसिंह शाह तथा उनकी धर्म पत्नी शीखा शाह द्वारा सभी कलाकारो को सम्मानिक किया गया।
गुरुवार, 10 सितंबर 2015
आफताब आलम को राजभाषा सम्मान मिला।
आफताब आलम को राजभाषा
सम्मान मिला।
लाल बिहारी लाल
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (टॉलिक), उत्तर मुंबई कार्यालय द्वारा राजभाषा हिंदी के
अधिकारियों व कर्मियों की प्रथम डायरेक्टरी "राजभाषा अधिकारी कोश" व
लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज भारत की प्रथम मीडिया व साहित्यिक डायरेक्टरी
"पत्रकारिता कोश" के संपादन तथा नीटी में राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन
हेतु "राजभाषा सम्मान" प्रदान किया गया।
मुंबई स्थित केंद्रीय
मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान में आयोजित इस समारोह में मुख्य अतिथि व दिल्ली
विश्वविद्यालय के पूर्व प्राध्यापक, साहित्यकार एवं भाषाविद् डॉ. पूर्ण सिंह डबास के हाथों
ट्रॉफी, प्रशस्तिपत्र तथा पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर केंद्रीय मात्स्यिकी
शिक्षा संस्थान के निदेशक व टॉलिक के अध्यक्ष डॉ. वजीर एस. लाकड़ा वाला, उप निदेशक (रा.भा.का.) डॉ.
राजेश्वर उनियाल, केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो के केंद्र प्रभारी श्री नरेश कुमार, केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण
उप संस्थान के सहायक निदेशक डॉ. अनंत श्रीमाली व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
हिंदी साहित्य और राजभाषा हिंदी में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए आफताब आलम को
इससे पहले भी अनेक संस्थाओं / संगठनों द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है।
रविवार, 6 सितंबर 2015
लाल कला मंच द्वारा प्रेम सिंह भारती शिक्षा रत्न से सम्मानित
लाल कला मंच द्वारा प्रेम सिंह भारती शिक्षा रत्न
से सम्मानित
नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम
के मीठापुर गांव के ब्याँज स्कूल के शिक्षक
प्रेम सिह भारती को शिक्षक दिवस के अवसर पर लाल कला
मंच की ओर से शिक्षा में उल्लेखनीय योगदान के लिए इन्हें शिक्षक रत्न
सम्मान से सम्मानित किया गया। यह समामान दक्षिणी दिल्ली.नगर निगम के मीठापुर
विद्यालय में दिनांक 6/9/2015 को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया। इन्हे
सम्मान स्वरुप संस्था के अध्यक्ष सोनू गुप्ता एवं सचिव लाल बिहारी लाल द्वारा
प्रशस्ति-पत्र,अंग वस्त्र तथा 1100 रु.मूल्य की पुस्तके भेंट किया गया।इस
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शिक्षक हरि चरण संत ने किया। वही मंच संचालन शिक्षक
बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर सैकड़ो शिक्षक मौयूद थे उनमें प्रमुख
रुप से-सत्य प्रकाश शर्मा,हरिओम शर्मा,डिब्बन लाल शर्मा,आर.एस.यादव,आकाश पागल,मुनीराज
मीणा,जगदीश दिवेदी,उमेश चंद्र आदी । इस अवसर पर बदरपुर शिक्षक वेलफेयर एसोशियशन के
द्वार निगम एवार्ड के लिए प्रेम सिंह भारती,जोनल एवार्ड के लिए- राकेश कुमार, राम
प्रकाश श्रीवास्तव,हरी मोहन मीणा तथा
सेवानिवृति के लिए- लटूरी प्रसाद, एस.पी.शर्मा,एवं ओ.पी. शर्मा आदी को सम्मानित
किया गया।
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम द्वारा शिक्षक दिवस के पूर्व संध्या पर 589 स्कूलों में से प्रेम सिहं भारती सहित 35
शिक्षको को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया था।
इन शिक्षकों को निगम द्वारा मेडल एवं 10,000 रु नकद प्रदान किये गये। यह सम्मान
में द.दि.नगर निगम के उप महापौर- कुलदीप सोलंकी एवं शिश्रा समिति के अध्यक्ष यशपाल
आर्य द्वारा दिया गया था।
सचिव लाल कला मंच,नई दिल्ली
फोन -09868163073
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