सोमवार, 22 फ़रवरी 2016

भोजपुरी के संवैधानिक दर्जा खातिर जन आंदोलन जरुरी-लाल बिहारी लाल

भोजपुरी को संवैधानिक दर्जा खातिर धऱना सम्पन्न
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आंठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग 

लाल बिहारी लाल

नई दिल्ली। अन्त. मातृ दिवस पर भोजपुरी जन जागरण अभियान के तात्वावधान में भोजपुरी भाषा को संविधन के आठवीं अनुसूची में शामिल करने हेतु एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन जंतर मंतर पर किया गया।
       भोजपुरी मान्यता आंदोलन के तत्वावधान में  25 करोड़ भोजपुरी भाषियों की लड़ाई पिछले कई वर्षो से जारी है और यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। पिछले धरना में कई सांसदो ने वादा किया था की हम इसके लिए प्रयास करेंगे पर आज वो भी खामोश हो गये है। इस संदर्भ में गृहमंत्री एवं प्रधान मंत्री को भी दो दफा ज्ञापन सौपा जा चुका है। पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। इस धरना को कई लोगो ने संबोधित किया जिसमें लाल कला मंच के सचिव लाल बिहारी लाल ने कहा कि इसे जन आदोलन का रुप देना होगा तभी सरकार बाध्य होगी ।पहले भोजपुरी भाषी राज्य सरकारों को भी इसके लिए आगे आना होगा तभी केन्द्र  सरकार पर दबाव बढ़ेगा और इसे मान्यता मिल सकेगी। चम्पारण की धरती से पधारे ड़ा गोरख प्रसाद मस्तान ने कहा कि इस भोजुपरी को जन जन की भाषा बनाना होगा तभी कुछ किया जा सकता है। वही छपरा से पधारे प्रो. प़ृथ्वी राज सिंह ने कहा कि इसे मातृभाषा बनाना होगा होगा तभी सरकार इस ओर ध्यान दे पायेगी। इगनू भोजपुरी अध्ययन केन्द्र के अध्यक्ष प्रो. शत्रुध्न कुमार का कहना है कि इस भाषा को जो सम्मान दे वही वही जन प्रतिनिधि बनाया जाये तथा सरकारी उपेक्षा पर असंतोष जाहिर किया औऱ कहा की इसे विना संबैधिनक दर्जा मिले इसका चहुमुखी विकास नही हो सकता । इस कार्यक्रम के संयोजक  संतोष पटेल ने अपने संबोधन मे कहा कि अभी तो ये अंगड़ाई है आगे और लड़ाई है। अब नेताओं को  उनके किए वायदों को उन्हें याद दिलाया जायेगा तथा भविष्य में वही देश पर राज करेगा जो भोजपुरी की वात करेगा। इसके अलावे गुलरेज शहजाद,असम सो मंटू पांडे ,झारखंड से राजेश भोजपुरिया,धनुरधर त्रिपाठी, राजेश माझी,रामाधार पांडे,मिथलेश सिंह, प्रमोद पुरी, बलिदानी भोजपुरीया आदी ने संबोधित किया।

      इस अवसर पर जमशेदपुर से प्रकाशित भोजपुरी मासिक पत्रिका लकीर का अंक-4(फरवरी 2016) का लाल बिहारी लाल,संतोष पटेल,डा. गोरख मस्ताना, राजेश माझी तथा पत्रिका के प्रबंध संपादक राजेश भोजपुरिया आदी द्वारा लोकार्पण किया गया।  
प्रस्तुति-लाल कला मंच,नई दिल्ली
फोन 9868163073//7042663073




रविवार, 14 फ़रवरी 2016

मीठापुर में बेटी रक्षा देश सुरक्षा कार्यक्रम समपन्न

बेटी रक्षा देश सुरक्षा कार्यक्रम समपन्न
लाल बिहारी लाल
बदरपुर। देश के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के नारा बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओं को आगे बढ़ाने की कड़ी में राष्ट्रीय जनशक्ति संघ के मुखिया आलोक श्रीवास्तव ने बेटी रक्षा देश सुरक्षा के तहत मीठापुर चौक पर  जागरुकता फैलाने के लिए एक भब्य कार्यक्रम का आयोजन किया । जिसमें नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं गीत के जरीये बेटी बचाने का आहवाहन किया गया। इस जागरुकता अभियान में देश के मशहूर कत्थक नृत्यांगना अणु सिन्हा,बबीता शर्मा ,गायिका-अर्चना शर्मा, ज्योति त्रिपाठी, गायक शिवराम शर्मा ,उदयबीर चौहान आदी के अलावे स्थानीय स्कूल के बच्चियों ने भी अपनी-अपनी प्रस्तुति से बेटी बचाने का आहवाहन किया।इस अवसर पर आलोक सिन्हा ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि देश में कन्याओं की कमी को दूर किया जा सके।
    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिल्ली पुलिस के पुर्व संयुक्त आयुक्त उदय सहाय, दक्षिणी-पूर्व जिला के (महिला एवं बाल)  सहायक पुलिस आयुक्त य़शोदा रावत,जैतपुर एवं बदरपुर के  एस.एच.ओ. सुनिल कुमार शर्मा एवं यशबीर सिंह मौयूद थे।



    इस अवसर पर समाजसेवी लाल बिहारी लाल, लाल कला मंच की अध्यक्षा सोनू गुप्ता ,डा. के.के. तिवारी, अलका शर्मा सहित क्षेत्र के हजारो लोगों ने इस जाररुकता अभियान का फायदा उठाया और शपथ लिया की बेटी की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगे।
सचिव- लाल कला मंच,नई दिल्ली

गुरुवार, 11 फ़रवरी 2016

रविवार, 7 फ़रवरी 2016

सात दिवसीय पुस्तक मेला में कवि सम्मेलन आयोजित

सात दिवसीय पुस्तक मेला में कवि सम्मेलन आयोजित
लाल बिहारी लाल
बदरपुर।  खुशबू विकास सहयोगी समिति  द्वारा नेशनल बुक  ट्रस्ट के सौजन्य से  सात दिवसीय पुस्तक प्रोन्नति प्रशिक्षण कार्य़शाला,  संगोष्ठी एवं पुस्तक मेले का आयोजन के दौरान लाल कला मंच की ओर से बदरपुर क्षेत्र के ताजपुर पहाड़ी स्थित कोसमोस सीनियर सेकेन्डरी स्कूल में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
       इस सम्मेलन की शुरुआत संस्था के अध्यक्ष राकेश कोहली,डा. के.के. तिवारी एवं लाल कला मंच के सचिव लाल बिहारी लाल द्वारा दीप प्रज्जवलन से हुआ। कवि स्मेलन में शिव प्रभाकर ओझा,लाल बिहारी लाल,जय प्रकाश गौतम ,महेन्द्र प्रीतम,निष्पक्ष बुलंदशहरी,गिरीराज गिरीश,पूर्णिमा अग्रवाल,नानक चंद,इसरार अहमद अजीम आदी ने भाग लिया औऱ अपनी अपनी कविताओं से सबका मन मोह लिया। खूशबू विकास सहयोगी समिति संस्था की ओर से सभी कवियो को एक मोमेंटो और लाल कला मंच की ओर से पुस्तके अतिथियों द्वारा भेंट की गई। इस सम्मेलन का संचालन शिव प्रभाकर ओझा ने किया तथा अध्यक्षता लाल कला मंच की अध्यक्षा सोनू गुप्ता ने की।
    इश अवसर पर खुशबू विकास समिति के उपाध्यक्ष राम सुमेर तिवारी,सह सचिव वीरभान सिंह, ब्यवस्थापक शैलेन्द्र सारस्वत तथा भाई लाल,गजेन्द्र सिंह चौहान, अनिल कुमार जुनेजा ,ओ.पी. मिश्रा सहित क्षेत्र के कई गन्य मान्य मोयूद थे।



     इस सात दिवसीय पुस्तक मेले का शुभारंभ  दक्षिणी दिल्ली के सांसद रमेश विधूड़ी द्वारा 4 फरवरी को द्वीप प्रज्जवलन से शुरु हुआ था।   इस अवसर पर विभिन्न पुस्तक के प्रकाशकों ने अपनी-अपनी पुस्तकों का प्रदर्शनी लगा रखा है जिसमें क्षेत्र के सैकड़ो बच्चों ने प्रतिदिन पुस्तकों का अवलोकन किया तो कुछ ने अपनी-अपनी जरुरत के हिसाब से किताबें भी खरीदी। इन दिनो बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं का आयोजन भी किया गया । इस कार्यक्रम का समापन 10 फरवरी को पुरस्कार वितरण से होगा।
प्रस्तुति-लाल बिहारी लाल
लेखक एवं सचिव
लाल कला मंच,नई दिल्ली
फोन-09868163073/7042663073

गुरुवार, 4 फ़रवरी 2016

सात दिवसीय पुस्तक मेला का शुभारंभ

सात दिवसीय पुस्तक मेला का  शुभारंभ
लाल बिहारी लाल
बदरपुर।  खुशबू विकास सहयोगी समिति  एवं नेशनल बुक  ट्रस्ट के संयुक्त तात्वावधान में  सात दिवसीय पुस्तक प्रोन्नति प्रशिक्षण कार्य़शाला,  संगोष्ठी एवं पुस्तक मेला  का आयोजन बदरपुर क्षेत्र के ताजपुर पहाड़ी स्थित कोसमोस सीनियर सेकेन्डरी स्कूल में दक्षिणी दिल्ली के सांसद रमेश विधूड़ी द्वारा द्वीप प्रज्जवलन से शुरु हुआ।


        इस अवसर पर विभिन्न पुस्तक के प्रकाशकों ने अपनी-अपनी पुस्तकों का प्रदर्शनी लगा रखा है जिसमें क्षेत्र के सैकड़ो बच्चों ने पुस्तकों का अवलोकन किया तो कुछ ने अपनी-अपनी जरुरत के हिसाब से खरीदा भी। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक राकेश कोहली, अध्यक्ष रक्षपाल शर्मा ,उपाध्यक्ष राम सुमेर 
तिवारी महासचिव अजय सिंह, सहसचिव वीर भान सिंह, ब्यवस्थापक शैलेन्द्र सारस्वत समाजसेवी लाल बिहारी लाल ,गौरव बिन्दल, .पी. मिश्रा  सहित कई गन्य मान्य मौयूद थे।

बुधवार, 13 जनवरी 2016

प्रदूषण से दिल्ली की जनता बेहाल-लाल बिहारी लाल लाल

प्रदूषण से दिल्ली की जनता बेहाल-लाल बिहारी लाल
लाल बिहारी गुप्ता लाल 



दिल्ली। आज दिल्ली विश्व में टोकियो के बाद सर्वाधिक प्रदूषित शहर है।सन 2014 में टोकियो की आबादी 3.80 करोड़ थी जबकि दिल्ली की 2.5 करोड़ आबादी  थी । बढ़ती हुई आबादी के दर को देख के कहा जा सकता है कि सन 2030 तक दिल्ली दूसरे नंबर पर ही प्रदूशित शहरों की श्रेणी में रहेगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) एंव यूरोपियन यूनियन ने पी.एम. 2.5 प्रदूषण का स्तर प्रतिघन मीटर 25 माइक्रोग्राम निर्धारित किया है जबकि अमेरिका इससे भी कड़ा यह स्तर 12 माइक्रोग्राम निर्धारित किया है । दिल्ली में यह स्तर सामान्यतः 317 है कभी कभार इससे ज्यादा भी हो जाता है। यह स्तर अमेरिका से लगभग 30 गुना औऱ विश्व स्वास्थ्य संगठन के तय मानको से 15 गुना ज्यादा है। इससे कैंसर,दिल की बिमारियाँ,स्थमा एवं अन्य घातक बिमारियां होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। भारी यातायात,स्थानीय उद्योग,थर्मल पावर प्लांट एवं झूग्गियों में कोयले पर खाना बनाना दिल्ली में वायू प्रदूषण के स्तर को बढ़ाने में काफी योगदान करते है।
              दिल्ली में नीजि एवं कर्मशियल पंजीकृत गाड़ियों की संख्या 88 लाख है । जिसमें 29-30 लाख कारे तथा 55-56 लाख दुपहिया वाहन हैं। प्रदूषण फैलाने में सड़को एवं ट्रको के बाद दुपहिया वाहनों का 18-19 प्रतिशत तथा कारो का14-15 प्रतिशत दिल्ली की हवा खराब करने में योगदान है।दिल्ली में सन 2011 में दि.प. नि. के पास 6,000 से अधिक बसे थी सन 22012-13 तक यह घटकर 4,500 रह गई। आज इसमें भी 500-600 वसे प्रतिदिन रोड पर ब्रेक डाउन रहती है जिससें दिल्ली की जनता काफी परेशान है।सरकार पिछले 3-4 साल में कोई खास पहल नहीं किया जिससें दूपहिया एवं नीजि वाहनों पर आत्मनिर्भरता बढ़ी है। अतः दिल्ली की जनता प्रदूषण से काफी बेहाल है। आज जरुरत है कि इससे निजात के लिए कुछ स्थायी समाधान किया जाये। 
    भारत की भूमी दुनिया की भूमि के 2.4 प्रतिशत जबकि आबादी लगभग 18 प्रतिशत है । इस तरह प्रति ब्यक्ति संसाधनों पर अन्य देशों की वनिस्पत भारत में काफी दबाव है जिससे तेजी से शहरीकरण एवं औद्योदिकरण हो रहा है। सन 1947 में वर्ष 2002 तक पानी की उपलब्धता 70 प्रतिशत घटकर 1822 घनमीटर प्रति ब्यक्ति रह गया है। अगर इसी तरह संसाधनों का दोहन तेजी से होता रहा तो मावव जल के बिना मच्छली की तरह तड़प-तड़प कर एख दिन जान दे देगा। भारत में वनों का औसत भोगोलिक क्षेत्रफल 18.34 प्रतिशत है जो की समान्य 33 प्रतिशत के मनदंड से काफी कम है। इसमें भी 50 प्रतिशत म.प्र.(20.7) और पूर्वोतर के राज्यो में (25.7) प्रतिशत है वाकी के राज्य  वन के मामलें में काफी निर्धन है। वन की कमी से जलवायु परिवर्तन हो रहा  है। तभी कुछ दिन पहले तामिलनाड्ड़ू जल तांडव से ग्रस्त था।
   प्रदूषण के मामलें में केन्द्र एवं राज्य सरकारें नियम तो बना रखा है पर इस पर सख्ती से अमल नहीं हो पाता है यही कारण है की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का ग्राफ काफी तेजी से बढ़ा है। यहा पर सार्वजनिक परिवहन ब्यवस्था काफी लचर है।आम आदमी की नई सरकार बनी
थी तो लोगो ने सोचा की काफी सुधार होगा पर यह सरकार पिछली सरकार से भी फिसड्डी साबित हुई। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश जस्टीश टी.एस. ठाकुर के फटकार पर दिल्ली सरकार ने फौरी तौर पर 1 जनवरी 2016 से 15 दिनों के लिए गाड़ियो के ओड एंव इभेन नंबर एक-एक दिन चलाने के सुझाव पर पूरी दिल्ली चली पर इ दिनों सरकारीएवं नीजि स्कूलों को बंद रखा गया तथा हजारों नीजि वसे भी चलायी गई पर नतीजा कुछ खास नहीं निकला। क्योंकि यह स्थायी समाधान नही हो सकता है। इसलिए जरुरी है कि दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन ब्यवस्था को दुरुस्त किया जाये ताकि लोगो को नीजि गाड़ियों से आत्मनिर्भरता कम हो सके  और नियमों पर सख्ती से अमल हो और लोगो को पर्यावरण के प्रति जागरुक भी किया जाये। राजनीतिज्ञों को वोट की राजनीति से बाहर आकर देशहित एवं समाजहित में कुछ करने का साहस दिखाना ही  होगा तभी देशवासियो एवं दिल्ली वासियों का भला हो सकता है।
     सुप्रीम कोर्ट के रवैये से शायद  केन्द्र एवं राज्य सरकार  जनता के हितो की रक्षा के लिए कुछ ठोस कदम उठाये। इसकी संभावना प्रबल है पर अभी भी सरकारी रवैया एवं जनता के रुख को देखकर दिल्ली से प्रदूषण के दानव को भगाना इतना आसान नहीं हैं।

लेखक- लाल कला मंच के सचिव एवं पर्यावरणप्रेमी हैं।
फोन-09868163073/07042663073


बुधवार, 2 दिसंबर 2015

लाडली फांउडेशन द्वारा 51 गरीब कन्याओं की शादी में हाछ बटाने पहूँचे-लाल बिहारी लाल

लाडली फांउडेशन द्वारा 51 गरीब कन्याओं की शादी समपन्न
लाल बिहारी लाल






नई दिल्ली। लाडली फांउडेशन ट्रस्ट ,नई दिल्ली द्वारा आयोजित 51 गरीब कन्याओं की शादी  को छतरपुर मंदिर के प्रागन में आयोजित की गई। इस अवसर पर हमारा मैट्रो  की ओर से लाल बिहारी लाल ने भी इस शादी में हाथ बटाने पहूँचे थे।। इनके अलावे बदरपुर से समाजसेवी आत्माराम पाचाल,,तेजी पांचाल,अखिलेख सिंह,ददन कुमार एवं दूबे जी भी उपस्थित थे। आत्माराम पांचाल संस्था के बदरपुर के प्रभारी एवं सहयोगी भी है। इस अवसर पर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शिला दीक्षित,भाजपा के सीडर एवं मिस यूनीवर्स रुबी यादव,दिल्ली महिला आयोग के अध्यक्ष स्वाति मालिवाल,सहित कई गन्य मान्य हस्तिया भी मौयूद थी। इस अवसर पर विभिन्न स्कूल के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दिल्ली सहित विभिन्न प्रदेशों  के 51 जोड़ा ने हिस्सा लिया। बदरपुर से 3 जोड़ा ने हिस्सा लिया जो क्रमशः पाडाल संख्य़ा -11 में गगन संग अवन्तिका,पाडाल संख्या-12 में गीता संग राकेश गिरी तथा पांडाल संख्या-38 में सुखवती संग राजकुमार का विवाह हजारों लोगों की उपस्थिति में भब्य औऱ सामूहिक रुप से संपन्न हुआ।
    इसमें संस्था की ओर से प्रत्येक गरीब वर बधु की ओर से 5100 रु नकद तथा एक लाख रुपये की समान दी गई जिसमें सोनें का रिंग, चाँदी की पाजेब तथा उषा की सिलाई मशीन एवं स्टील की आलमिरा आदी सहित बर-वधू को कपड़ा शामिल है।अन्त में   संस्था के अध्यक्ष देवेन्द्र गुप्ता ने आये हुए सभी अतिथियों व सहयोगियो को हार्दिक धन्यवाद दिया।
प्रस्तुति-सोनू गुप्ता
अध्यक्ष-लाल कला मंच,नई दिल्ली
फओन -09868163073